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*बहुत वर्ष पहले एक सत्संग समारोह में एक ज्ञानी महापुरुष जी ने एक सुंदर कहानी सुनाई थी। उस समय सुनी हुई यह कहानी आज भी मेरे जीवन को एक बड़ी सीख देती है।*
*एक साधु अपने शिष्यों के साथ नदी के किनारे जा रहे थे। तभी उनकी नजर पानी में डूबते हुए एक बिच्छू पर पड़ी। वह बार-बार बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।*
*साधु ने उसे बचाने के लिए हाथ बढ़ाया। जैसे ही बिच्छू पानी से बाहर आया, उसने साधु के हाथ में डंक मार दिया और फिर पानी में गिर गया।*
*साधु ने फिर उसे बचाने की कोशिश की। बिच्छू ने फिर डंक मारा। यह सिलसिला कई बार चलता रहा।*
*आखिर एक शिष्य से रहा नहीं गया। उसने कहा*
*“गुरुजी! यह आपको बार-बार डंक मार रहा है। फिर भी आप इसे क्यों बचा रहे हैं? इसे छोड़ दीजिए, इसे मरने दीजिए।”*
*साधु मुस्कुराए और बोले—*
*“डंक मारना बिच्छू का स्वभाव है और किसी डूबते को बचाना मेरा स्वभाव है। वह अपना स्वभाव नहीं छोड़ रहा, तो मैं उसके कारण अपना स्वभाव क्यों छोड़ दूँ?”*
*फिर साधु ने कहा—*
*“जब एक छोटा-सा जीव अपने स्वभाव को नहीं छोड़ता, तो मुझे परमेश्वर की कृपा से मिली इंसानी जिंदगी और सही-गलत समझने की बुद्धि मिली है। मैं किसी के बुरे व्यवहार के कारण अपना भला करने का स्वभाव कैसे छोड़ सकता हूँ?”*
🌱 *यही इस कहानी की सबसे बड़ी सीख है—*
*लोग हमारे साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह हमेशा हमारे हाथ में नहीं होता।*
*लेकिन हम उनके व्यवहार का जवाब किस तरह देते हैं, यह हमारे हाथ में जरूर होता है।*
*कोई हमें धोखा दे, हम ईमानदारी न छोड़ें।*
*कोई नफरत करे, हम इंसानियत न छोड़ें।*
*कोई बुरा बोले, हम अपनी वाणी की मिठास न छोड़ें।*
*कोई गिरता हुआ दिखाई दे, तो उसे उठाने का प्रयास न छोड़ें।*
*कोई हमारे अच्छेपन का गलत फायदा उठाए, फिर भी अच्छाई को कमजोरी न समझें।*
*क्योंकि किसी दूसरे की बुराई के कारण अपना अच्छा स्वभाव बदल लेना, वास्तव में अपनी हार है।*
*हमारा चरित्र इस बात से नहीं बनता कि दुनिया हमारे साथ कैसा व्यवहार करती है; हमारा चरित्र इस बात से बनता है कि दुनिया के व्यवहार के बावजूद हम क्या बने रहते हैं।*
*इसलिए जीवन में एक बात हमेशा याद रखें*
*“दूसरे अपना स्वभाव बदलें या न बदलें,*
*हम अपना अच्छा स्वभाव कभी न छोड़ें।”*
*यही सच्ची इंसानियत है, यही जीवन की सुंदरता है और शायद यही परमेश्वर द्वारा मिली इंसानी जिंदगी का सबसे बड़ा धर्म है।*
*राजेंद्र सिंघ शाहू*
*इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड*
*7700063999*

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